Monday, October 11, 2010

बचपन


आज खोली है पुरानी अलमारी
इसमे से निकाली है पुरानी किताबे
इन पर से हटानी है धूल
जी तो चाहता है की इनमे आग लगा दू......
इन किताबो ने छीना है मेरा बचपन
मेरे खेलने के वक़्त को इन्होने हमेशा कम किया है
लेकिन इन्हे निकाला गया है अगली पीढ़ी के लिए
वो भी पढ़ेगे इन्हे
हटाएगे धूल..............
और फिर मेरी तरह
अपना बचपन खो देगे........

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