Tuesday, October 12, 2010

सफ़र......


रात मे घर से निकला
तो
चाँद बोला कि मै भी साथ चलुगा
पूरे
सफ़र वो साथ ही चलता रहा
रात
भर तक तो साथ ही था
सुबह
सुबह पता नही कहा चला गया
शायद ................. किसी और के साथ
सफ़र
का साथ देने
सबका
चाँद एक ही तो है
यार
कही वो तुम्हारे साथ तों नही

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